कल्याणऔर ‘Kalyana-Kalptaru’-गीताप्रेसद्वारा दो आध्यात्मिक मासिक पत्र प्रकाशित किये जाते हैं- हिन्दीमें कल्याणएवं अंग्रेजीमें ‘Kalyana-Kalptaru’। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, धर्म, अध्यात्म तथा सदाचार सम्बन्धी जो सद्भाव एवं सद्विचार इन पत्रोंद्वारा जन-जनतक पहुँचाये जा रहे हैं, वह गीताप्रेसका एक महत्वका कार्य है। इससे लोगोंको बहुत बड़ा आध्यात्मिक लाभ हो रहा है। कल्याणके अबतक ९३ विशेषांक प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमानमें इसकी लगभग दो लाख  प्रतियाँ छपती हैं। वर्षका पहला अंक विशेषांक तथा शेष ग्यारह महीनोंके अंक साधारण अंककहलाते हैं। विशेषांक किसी कल्याणकारी आध्यात्मिक विषयको लेकर तैयार होता है अथवा किसी आर्षग्रन्थका आश्रय लेकर निकलता है। कल्याणका वर्ष जनवरीसे दिसम्बरतक का है।

इसी प्रकार अंग्रेजी मासिक‘Kalyana-Kalptaru’ के अबतक ६४ विशेषांक निकल चुके हैं, जिनमें श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत, श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण, अध्यात्म-रामायण आदि विशिष्ट ग्रन्थोंके अंग्रेजी अनुवाद भी सम्मिलित हैं। ‘Kalyana-Kalptaru’ का वर्ष अक्टूबरसे सितम्बरतक का है।

इनके अलावा घरेलू युग कल्याणमासिक पत्र भी निकलता है, जिसमें गीताप्रेसके नये प्रकाशन आदिकी सूचना दी जाती है। इसमें आध्यात्मिक लेख भी छपते हैं। इच्छुक पुस्तक-विक्रेता व प्रेमीजन अपनी निःशुल्क प्रतिके लिये आवेदित करें ।

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