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गीताप्रेस बुक शॉप

गीताप्रेस’ – यह नाम ही अपनेमें पूर्ण परिचय है। भगवदीय सत्संकल्प ही प्रेरक बनकर ‘गीताप्रेस’के रूपमें मूर्तिमान् रूपसे अवस्थित है। इसका नामकरण भगवान् श्रीकृष्णचन्द्रकी अमोघ एवं कल्याणमयी वाणी ‘गीता’के नामपर हुआ है। यह एक विशुद्ध आध्यात्मिक संस्था है। सन् 1923 ई० में इसकी स्थापना हुई थी। इस सुदीर्घ अन्तरालमें यह संस्था सद्भावों एवं सत्-साहित्यका उत्तरोत्तर प्रचार-प्रसार करते हुए भगवत्कृपासे निरन्तर प्रगतिके पथपर अग्रसर है। आज न केवल समूचे भारतमें अपितु विदेशोंमें भी यह अपना स्थान बनाये हुए है। गीताप्रेसने निःस्वार्थ सेवा-भाव, कर्तव्य-बोध, दायित्व-निर्वाह, प्रभुनिष्ठा, प्राणिमात्रके कल्याणकी भावना और आत्मोद्धारकी जो सीख दी है, वह सभीके लिये अनुकरणीय आदर्श बना हुआ है।

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गीताप्रेस - एक परिचय

गीताप्रेस – एक परिचय

सन् 1923 से सत्य एवं शान्ति हेतु मानव समाजकी सेवामें समर्पित गीता प्रेस, सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 (वर्तमान में पश्चिम बंगाल सोसाइटीज़ एक्ट, 1960 द्वारा शासित) के तहत पंजीकृत गोबिन्द भवन कार्यालय की एक इकाई है। गीताप्रेस’ – यह नाम

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कल्याण

गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित हिंदी में कल्याण एक मासिक आध्यात्मिक पत्रिका है

Kalyana-Kalptaru

गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी में आध्यात्मिक मासिक पत्रिका

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